जिंदगी के दर्द-ए-गम को सहज ही अपने छू लेनेवाले सुरों में व्यक्त करने वाले गायक मुकेश के सुरीले, सजीले, दर्द की मिठास भरे फिल्मी गीत हमारे हिंदी गीतों के खजाने का एक अनमोल हिस्सा है। सुनिए मुकेश की रूहानी आवाज से सराबोर कुछ लोकप्रिय गाने -
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राज कपूर एक ऐसे स्वर के तलाश में थे जिसे जिंदगी ने हर कदम पर असफलता ही दी हो और यह विफलता जो गाकर व्यक्त कर सके। यह कमाल कर दिखाया मुकेश की आवाज ने।
हम इंसान बडे अजीब होते हैं ! हम हमारे जीवन के हर अनुभव का उत्सव मनाना चाहते हैं। जी हाँ, अगर कुछ नहीं मिला तो हम अपने गमों का ही जश्न मना लें ! इस अनुभव को बखूबी से बयाँ करने वाली सुरीली आवाज है मुकेश चंद्र माथुर की, जिसमे आह है, दर्द है, कोमलता है, दिवालियापन है, अंतर्मुखता है और जिस आवाज में रूखी-सुखी होने के बावजूद भी कमाल की मिठास है। एक ऐसे दौर में जब उच्च सप्तक में गाने वाले गायक अधिक कामयाब और लोकप्रिय हो रहे थे, मुकेश की आवाज ने लोगों के दिलों में अपना खास स्थान बनाया जो आज तक भी बरकरार है। कमाल है संगीतकार जोडी शंकर-जयकिशन की, जिन्होंने मुकेश की आवाज की सुषमा को पहचाना और उनसे एक से बढकर एक गानें गवा लिए।
मुकेश की गीतों में एक उदास प्रेमी का दर्द छलकता है जो कुछ कटु अनुभवों के बदौलत प्यार की महफिल छोड कर चले जाना चाहता है लेकिन मेहबूबा को भूल भी नहीं सकता। मुकेश की आवाज में प्रकट होने वाला यह परित्याग, दर्द और एक अधूरी उम्मीद का मिश्रण हमारे भी दिल को छू लेता है। उनके गीतों में इश्क़ की असहायता के साथ 'तू न पहचाने तो है ये तेरी नजरों का कुसूर' कहने वाला हल्का रोमान्स भी है। मुकेश ने केवल दर्द भरे गाने ही नहीं गाये। उन्होंने गाये 'मेरा जूता है जापानी' या 'किसी के मुस्कुराहटों पे हो निसार' जैसे गाने उतने ही लोकप्रिय है जितने कि 'आँसूभरी है ये जीवन की राहें' या 'जाने कहाँ गए वो दिन' लोकप्रिय हुए। सबसे ज्यादा गानें उन्होंने दिलीप कुमार के लिए गाये लेकिन वे मशहूर हुए राज कपूर की आवाज बनकर।
मुकेश, एक बतौर इंसान, अत्यंत सरल और सीधे साधे आदमी थे। उनका ह्रदय बडा विशाल था। उनके स्वभाव की कोमलता, विशालता, भावनाओं की गहराई उनके गाये गीतों में अभिव्यक्त हुआ करती थी। उनके मन में किसी के प्रति न किसी भी प्रकार की कटुता थी न नफरत।
मात्र ५३ साल की उम्र में अमरीका में एक स्टेज शो के दौरान दिल का दौरा पडने से मुकेश का निधन हो गया। एक बात कुछ समझ में नहीं आती कि दिल की गहराई से गाने वाले गायक अचानक दिल का दौरा पडने से ही क्यूँ अचानक चले जाते हैं?
One of the most beloved playback singers in the history of Indian cinema, Mukesh carved a niche for himself with his soulful voice and his ability to convey the deepest emotions through song. One of Mukesh’s most enduring legacies is his unparalleled ability to express melancholy and sadness through his songs. While many of his contemporaries were known for their romantic or playful numbers, Mukesh carved a space for himself in the world of tragic and heartfelt ballads. His voice, tinged with sadness yet full of sincerity, made him the go-to singer for songs that required emotional depth.
Some of the most popular songs of Mukesh are: Chhodo kal Ki Baatein,Aansoo Bhari Hai Ye Jeevan Ki,Yeh Mera Diwanapan Hai,Aawara Hu,Ek Din Bik Jayega Mati Ke Mol,Kabhi Kabhi Mere Dil Me,Aa Laut Ke Aaja Mere Meet,Duniya Bananewale,Mera Juta Hai Japani,Kisi Ki Muskurahaton Pe
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